
कथा एक कंस की
कथा एक कंस की श्रीमद् भागवत पुराण पर आधारित एक ऐसी नाटक कृति है जो वर्तमान युग के मदन थाना साहू और उनके मनोविज्ञान की पड़ताल करने वाली मा कथा के रूप में जीवंत होती दिखाई देती नाटककार ने स्वयं लिखा है कंस के चरित्र में मुझे हिटलर की झलक दिखाई दी तब ही इस नाटक को लिखने की इच्छा और प्रेरणा सी मेरे मन में कौन थी जैसे अपने अंतिम दिनों में अपनी उपलब्धि के शिखर पर खड़ा एकाकी प्रेत सा असहाय हिटलर नितांत अकेला था वैसे ही नशानस क्रूर कंस के मचतुर एकाकी अंतिम रूप भी थे 70 का तर्क अत्यंत क्रूर होता है सत्ताधारी के चारों ओर भाई और संशय का गिरा जैसे-जैसे जकार्ता जाता है वैसे ही वह अकेला हो जाता है ना कोई उसका मित्र होता है ना सहायक ना पत्नी नप्रियसी ना बहन ना भाई यही सत्य कंस के चरित्र द्वारा उद्धारित होता है जो किसी भी समय के अहंकारी क्रूर एवं सत्ता से चिपके तानाशाह पर भी पूरी तरह लागू होता है और सतत प्रसांगिक बना रहता है






Trivia :